G विदिशा। प्राचीन श्री द्वारिकाधीश मंदिर में श्रावण मास के अवसर पर झूला उत्सव के अंतर्गत ठाकुरजी की अनुपम झांकी के साथ विभिन्न घटाओं के दर्शन भक्तों को प्राप्त हो रहे हैं। हरी घटा, लाल घटा, चुडरी घटाा के दर्शनों की छटा भक्तों को बरबस ही अपनी ओर आकृषित कर रही है। नीली घटा में नील वर्ण ठाकुर जी के दर्शन कर भक्तजन आनंदित हो जाते हैं। नीलांबर और नीला ही मंदिर में श्रंगार तथा नील पुष्य से पूजित ठाकुरजी मनमोहक छवि भक्तों के हृदय में बसती है, जो भक्त दर्शनों के अभिलाषी हैं, वह मंत्रमुग्ध हो दर्शनों में डूबकर ठाकुर के प्रेम से दश्र्खन करते हुए उनकी भाव भंगीमा को अपने में समेट लेते हैं। श्रंगार उपरांत ठाकुर जी को आकर्षक झूले में बैठाया जाता है और धीमे-धीमे झूला झुलाया जाता है, वहीं झूल के पद भी गाए जाते हैं। इस अवसर पर एक माह तक चलने वाली श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाईयों का गायन भी निरंतर किया जा रहा है।
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8:50 pm
विदिशा। उप पंजीयक कार्यालय समय में उपस्थित नहीं रहते, जिससे अभिभाषकों और पक्षकारों को अपने दस्तावेज संपादित कराने में काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है और सब रजिस्ट्रार द्वारा कई तरह-तरह के दस्तावेज में व्यवधान बताकर अभिभाषकों को प्रतिदिन परेशान किया जाता है।
उक्त बातों की शिकायत अभिभाषकों ने संघ अध्यक्ष महेन्द्र जैन के नेतृत्व मेें तहसीलदार से की। सौंपे गए आवेदन में बताया कि इस तरह परेशान करने से समय पर दस्तावेज नहीं होने से पक्षकारगण को दूर-दराज से आने में परेशानी होती है, साथ ही शासन को भी आर्थिक क्षति होती है। अभिभाषकों ने उप पंजीयक पर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन सौंपने वालों में उपाध्यक्ष संतोष शर्मा, सचिव हरिओम शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, मनु श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, हुकुम सिंह किरार, शिवनारायण शर्मा, सुरेन्द्र चौहान, प्रेमनारायण शर्मा, देवेन्द्र सिंह लोधी, रविन्द्र ङ्क्षसह रघुवंशी, संतोष तोमर, प्रकाश तारण, नगीना बी, अमित श्रीवास्तव आदि शामिल हैं।
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8:48 pm
ग्यारसपुर। दूध वितरण हेतु पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चयनित विकास खंड ग्यारसपुर की समस्त प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं में दूध का वितरण किया गया। माध्यमिक शाला अटारीखेजड़ा में जनपद पंचायत अध्यक्ष छत्रपाल शर्मा, एसडीएम मनोज वर्मा एवं तहसीलदार ब्रजेन्द्र सक्सेना की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं को दूध वितरण का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति जो लबाव तथा बच्चों की संपूर्ण विकास की सोच के कारण ही दूध वितरण का कार्यक्रम विदिशा जिले के पायलेट प्रोजेक्ट के तहत चिन्हित कर एक अच्छा उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्रतिदिन दूध मिलने से शालाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति भी बढ़ेगी तथा उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास भी होगा। एसडीएम श्री वर्मा ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वह प्रतिदिन शाला आएं तथा दूध का सेवन करें। यदि कोई शिकायत हो तो, बीआरसी को उनके मोबाइल पर सूचित करें तथा मुझे भी अवगत कराएं। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वह प्रतिदिन अपनी देखरेख में दूध तैयार कराएं छात्र-छात्राओं को वितरण के पूर्व शिक्षक स्वयं दूध की गुणवत्ता परखें। इसके बाद ही वितरण कराएं। छत्रपाल शर्मा, जगदीश दांगी, लक्ष्मण सिंह यादव ने प्राथमिक शाला पिपरिया, माध्यमिक, प्राथमिक शाला हैदरगढ़ में भी दूध वितरण का शुभारंभ किया।
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8:45 pm
- सुबह काली घटाएं, दोपहर में बारिश और शाम को निकली धूप
विदिशा। इन दिनों में मौसम में परिवर्तन लोगों की चर्चा का विषय बना हुआ है, कभी तेज धूप निकलती है तो कभी अचानक तेज बारिश हो जाती है, जिससे कभी धूप तो कभी बारिश का नजारा देखने को मिला रहा है। गुरूवार को दिनभर काले बादल आसमान में जमे रहें, रात से लेकर सुबह तक रिमझिम बारिश होती रही। शुक्रवार की सुबह काले घने बादल छाए रहे, दोपहर में झमाझम बरसात हुई और शाम 5 बजे के लगभग तेज धूप निकल आई।
शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे से जोरदार बारिश शुरू हो गई जो करीब दो घंटे तक चली। पानी इतनी तेज था कि कुछ ही देर में शहर में पानी-पानी हो गया। शहर की कई निचले इलाकों में पानी भर गया। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर पानी भर जाने से वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जहां बारिश ने लोगों को उमस से राहत दिलाई तो वहीं लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज बारिश के चलते शहर की सड़कों पानी से तरबतर हो गई। इसके अलावा कुछ इलाकों में तो सड़कों पर इतना पानी जमा हो गया था कि लोगों को वाहन निकालने में भी परेशानियां हुई। नीमताल, चूनावाली गली, बस स्टैण्ड, इंद्रा कांप्लेक्स, हरिपुरा, बंटीनगर सहित अन्य निचली बस्तियों में पानी भर गया। इससे उनको काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
गौरतलब है कि इस बार मानसून की लेटलतीफी के कारण लोगों और किसानों में चिंता पहले से ही बनी हुई थी। मानसून आ जाने के बाद रुक-रुककर हो रही बारिश ने लोगों की चिंता को और बढ़ा दिया है। यदि यही हाल रहा तो मानसून औसत वर्षा का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगा, जिससे फसलों को तो नुकसान होगा ही, वहीं सूखा पडऩे की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। इस समय हालात यह हैं कि सोयाबीन की फसल अंकुरित होने पहले ही खराब होती नजर आ रही है, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ नजर आ रही हैं। इसी तरह पिछले साल सोयाबीन से हुए नुकसान के कारण कई किसानों ने इस बार धान के लिए गटे बनाए हैं, उन्हें भी यह चिंता सताने लगी है कि उनकी धान की फसल को पर्याप्त मिल भी पाएगा कि नहीं, क्योंकि जिस तरह से बारिश हो रही है, उस तरह से धान की फसल को भी नुकसान हो रहा है
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8:43 pm
विदिशा। परस्पर ग्रहों जीवानाम् अर्थात जीव ही जीव की रक्षा करता है। यह सूत्र पूर्व आचार्य महाराज ने जैन धर्म की विशेषता बताते हुए दिया है। हम भगवान की उपासना क्यों करते हैं, उनके गुणों को पाकर उन जैसा बनने के लिए और उन गुणों को पाने के लिए साधु पद की आवश्यकता होती है। आप लोगों का साधु पद देकर हमने कोई उपकार नहीं किया।
उक्त उदगार संत शिरामणी आचार्यश्री विद्यासागर जी महाराज ने शीतलधाम पर आयोजित 24 मुनिराजों के प्रथम दीक्षा दिवस पर आशीष वचन में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि एक मुनीम का भी मालिक के प्रति उपकार हुआ करता है, यदि कोई मुनीम दुकान को अच्छी तरह चलाता है, तो वह अपने मालिक के प्रति उपकार ही किया जाता है और यदि वह उसे दुकान को अच्छी तरह न चलाते तो घाटा लग जाता है। ऐसे ही एक सुयोग्य शिष्य का कर्तव्य है, जो मार्ग उन्हें दिया गया है, उस पर चलकर अपने कर्तव्य का पालन करें।
आचार्यश्री ने कहा यह कोई नया मार्ग नहीं है, पूर्व आचार्यों से जो मार्ग हमें मिला, वह मोक्ष का मार्ग हमने आप लोगों केा दिया। उन्होंने कहा कि क्या भक्त का भी भगवान के ऊपर उपकार हो सकता है। हाँ...हाँ यह प्रवाह अनंतकाल से चला आ रहा है। भगवान के ऊपर भी शिष्य का उपकार तभी है, जब वह उस जैसा बन जाए एवं सदैव उनकी आज्ञा का पालन करता रहे। उन्होंने मनोबल को महत्वपूर्ण बताते हुए वाणी और विचारों का महत्व बताया। भगवान महावीर ने यह परंपरा किसी ओर से अनुसरण की एवं उसे आगे बढ़ाया एवं उसी परंपरा को हम आगे बढ़ा रहे हैं और यह अनवरत चलती रहेगी।
आचार्यश्री ने आकांक्षा रहित होने का उपदेश देते हुए कहा जैसे एक मृदंग तर्जनी एवं मध्यमा के माध्यम से उसको चोट की जाती है, तो ध्वनि का उत्पन्न करता है। वैसे ही धर्म उपदेश के माध्यम से गुरू अपने शिष्यों को, भक्तों को उपदेश देते हैं। उन उपदेशों के बदले वह आपसे कुछ नहीं चाहते मात्र उन आदर्शों को अपने जीवन में उतारकर आगे बढ़ेंगे तो आपका भी उद्धार होगा एवं अन्य जीवों पर भी उसका प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय को संबोधित करते हुए कहा सुख और दुख दोनों ही जीवन के अभिन्न अंगे हैं, जब भी दुख की घड़ी हो आप लोग महापुरुषों के जीवन चरित्र को पढ़ लिया करो। जिस प्रकार भगवान आपको उपदेश देते हैं, आपसे किसी भी प्रकार की आकांक्षा नहीं रखते उसी प्रकार आप लोग भी नि:स्वार्थ भाव से आत्महित के लिए पूजा किया करो।
प्रवक्ता अविनाश जैन ने बताया कि रामटेक में 31 जुलाई को जिन 24 मुनि दीक्षा हुई, उनमें से पांच मुनिराजों ने निश्वार्थ सागर, मुनिश्री र्निलोम सागर, मुनिश्री निश्प्रह सागर, मुनिश्री निसीम सागर एवं मुनिश्री निर्भीक सागर महाराजन ने भी संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में गुरू के प्रति कृपा बताते हुए गुरू गणगान करते हुए उनके द्वारा किए गए उपकार को कभी न भुलाने की बात कही। उन्होंने कहा पापों का त्याग का नाम ही दीक्षा है एवं प्रतिदिन तीनों समय प्रतिक्रमण करते हुए अपने पापों का विसर्जित करते हैं एवं दीक्षा लेते हैं।
श्री जैन ने बताया कि इस अवसर पर विभिन्न नगरों से एवं मुनिराजों के ग्रहस्थ जीवन के माता-पिता, भाई-बहन एवं परिवार के लोग आए एवं विभिन्न नगरों से भक्तजन शामिल हुए।
neekesh suryawanshi
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8:40 pm
विदिशा। स्कूल से कॅालेज में आने वाले स्टूडेंट्स अब तीन साल तक कॉलेज में भी नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ेंगे। हर सेमेस्टर में फाउंडेशन कोर्स के पर्चे में हिंदी, अंग्रेजी के साथ नैतिक शिक्षा की पढ़ाई भी होगी और परीक्षा भी देना होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2014-15 में पहले और दूसरे सेमेस्टर में हर विषय का नया पाठ्यक्रम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
खास बात यह है कि नए शिक्षा सत्र से हर सेमेस्टर (तीन साल में छह सेमेस्टर) में नैतिक शिक्षा और लेंग्वेज (हिंदी, अंग्रेजी) को अनिवार्य विषय बना दिया गया है। यह पहली बार है जब कॉलेज के पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा को अनिवार्य विषय बनाकर इसे परीक्षा में शामिल किया गया है। फाउंडेशन कोर्स का दो भागों में बंटा पहला पर्चा दो अलग-अलग आंसर सीट में हल करना होगा।
पर्चा एक आंसर सीट दो
नए सत्र में पहले सेमेस्टर के पाठ्यक्रम के साथ परीक्षा प्रणाली में भी बदलेगी। फाउंडेशन कोर्स के पहले पर्चे में तीन विषय अनिवार्य होने से प्रश्नपत्र दो खंड में आएगा। पर्चा हल करने के लिए दो अलग-अलग आंसर सीट दी जाएंगी। पर्चे के 50 अंक के खंड में 15 अंक के नैतिक शिक्षा और हिंदी के 35 अंकों के प्रश्न होंगे जिन्हें एक आंसर सीट में हल करना होगा। दूसरी आंसर सीट में खंड में दिए अंग्रेजी के 35 अंकों के प्रश्न हल करना होंगे।
पहले यह होता था
सत्र 2014-15 से पहले फाउंडेशन कोर्स के पहले पर्चे में केवल हिंदी और अंग्रेजी विषय ही पढ़ाए जाते थे। हिंदी और अंग्रेजी भी केवल तीन तीन सेमेस्टर में ही पढ़े जाते थे। पहले, तीसरे, पांचवे सेमेस्टर में हिंदी और दूसरे, चौथे, छठवें सेमेस्टर में केवल अंग्रेजी पढ़ाई जाती थी। इससे स्टूडेंट लगातार किसी एक भाषा के अध्ययन से नहीं जुड़ पाते थे। हर सेमेस्टर में भाषा बदलकर पढऩा पड़ती थी। निरंतरता नहीं होने के कारण स्टूडेंट्स लेंग्वेज सब्जेक्ट में पिछड़ जाते थे। नैतिक मूल्यों का पाठ पढ़ाने के लिए व्याख्यान, संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम होते थे लेकिन यह परीक्षा का विषय नहीं था।
अब यह होगा
बताया जाता है कि नए सत्र से नैतिक शिक्षा, हिंदी और अंग्रेजी लगातार छहों सेमेस्टर में पढ़ाए जाएंगे। फाउंडेशन कोर्स के पहले पर्चे में तीनों विषयों की सीसीई और लिखित परीक्षा भी होगी। छहों सेमेस्टर में पहले पर्चे की पांच यूनिट में पहली यूनिट नैतिक शिक्षा, दूसरी, तीसरी यूनिट हिंदी और चौथी, पांचवीं यूनिट अंग्रेजी विषय की होगी। 15 अंकों के सीसीई में तीनों विषयों के बराबर अंक रहेंगे। लिखित परीक्षा के पर्चे में 15 अंक का नैतिक शिक्षा और 35-35 अंकों के हिंदी और अंग्रेजी के प्रश्न होंगे। फाउंडेशन के दूसरे पर्चे में उद्यमिता विकास, पर्यावरणीय अध्ययन और बेसिक ऑफ कंप्यूटर क्रमश: दो-दो सेमेस्टर में पढ़ाए जाएंगे।
पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया गया है
शैक्षणिक गुणवत्ता और अनुशासन को बढ़ावा देने नए सत्र के पाठ्यक्रम में परिवर्तन किया गया है। केंद्रीय अध्ययन मंडल के बनाए पाठ्यक्रम को सत्र 2014-15 के पहले सेमेस्टर से लागू किया जाएगा। फाउंडेशन कोर्स में नैतिक शिक्षा और लेंग्वेज को छहों सेमेस्टर में अनिवार्य किया गया है।
डॉ. केएम जैन, विशेष कर्तव्यथ अधिकारी उच्च शिक्षा विभाग भोपाल
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8:12 pm
विदिशा ब्यूरो। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी पत्नि साधना सिंह के साथ बुधवार की सुबह 8 बजे विदिशा पहुंचे। मुख्यमंत्री सीधे रंगई स्थित बाढ़ वाले गणेश मंदिर में नई गणेश प्रतिमा की स्थापना के लिए आए हुए थे। जहां उन्होंने सुबह से ही पूजा अर्चना की हवना यदि कार्यक्रम में भाग लिया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सुबह 8 से शाम 5 बजे तक बाढ़ वाले गणेश मंदिर पर रहे। इस दौरान पूरे समय प्रशासन के आला अधिकारी सहित पार्टी से जुड़े नेता मौजूद थे।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों बाढ़ वाले गणेश मंदिर में चोरी हुई थी। इसी दौरान भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा खंडित हो गई थी। इसलिए यहां दूसरी प्रतिमा स्थापित करना था। ताकि मंदिर में पूजा अर्चना हो सके। इसी क्रम में बुधवार को यह आयोजन रखा गया। बाढ़ वाले गणेश मंदिर में भगवान गणेश की प्रतिमा जयपुरा लाई गई है। सुबह से ही मुख्यमंत्री शिवराज ङ्क्षसह चौहान के आने के बाद मंदिर में पूजा-अर्चना शुरू हो गई थी। पंडि़तों के मंत्रों के उज्चारण के बाद प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया।
सुख समृद्धि में रहे देश-
प्रेस से रूबरू होते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहाकि पिछले दिनों चोरी होने के बाद प्रतिमा खंडित हो गई थी। इसलिए मंदिर में आज दूसरी प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहाकि देश में सुख समृद्धि रहे और देश खुशहाल रहे। उन्होंने कहाकि जनता की परेशानियों को देखते हुए मुख्यमंत्री हेल्प लाइन शुरू करने जा रहे हैं। ताकि हर वर्ग का व्यक्ति अपने समस्या फोन से बता सके। हालांकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस की बातों के जबाव नहीं दिए।
हुई प्रसादी वितरण-
मंदिर में भोजन के रूप में प्रसादी वितरण का कार्यक्रम भी रखा हुआ था। पूजा-पाठ समाप्त होने के बाद सभी ने प्रसादी ग्रहण की। खाने की व्यवस्था मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नि साधना सिंह स्वंय देख रही थीं। उनके द्वारा खाना परोसा जा रहा था। इस दौरान प्रभारी मंत्री रामपाल सिंह राजपूत, भाजपा के विधायक कल्याण सिंह दांगी, शमशाबाद विधायक सूर्यप्रकाश मीणा, वीर सिंह पवार, भाजपा जिलाध्यक्ष तोरण ङ्क्षसह दांगी,मुकेश टंडन, महामंत्री श्याम सुंदर शर्मा, छत्रपाल शर्मा, बाबूलाल ताम्रकार, संदीप डोंगर सिंह,सचिन ताम्रकार, देवेन्द्र खुराना ,कलेक्टर एमबी ओझा, पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रायसिंह नरवरिया सहित अन्य भाजपा नेता और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
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